आर यू इन टेंशन। सो व्हाट, मीट आवर फोरमर चीफ मिनिस्टर नाऊ रेलवे मिनिस्टर मिस्टर लालू प्रसाद जी। क्या बात है बॉस, किसके बारे में बोल दिया, वे तो सुपर स्टार हैं इंडियन पालिटिक्स के।
भाई कल देखा, रेलवे के पहलवान पदक जीत कर मिलने आये, तो उन्होंने उन्हें किस अनोखे अंदाज में मीडिया से रूबरू कराया। क्या बात है? लालू जी यू आर ग्रेट। लालू प्रसाद जी ने इंडिया पोलिटिक्स में अपनी प्रतिभा के बल पर वो स्थान पाया है, जहां से उन्हें कोई हटा नहीं सकता।
एक बात तो है, आज के तनाव भरे राजनीति के दौर में लालू जी की शैली एक रोचक और अनोखा अंदाज लिये रहती है। लालू जी ने राजनीति में आज तक न जाने कितनी तकलीफें झेली होंगी, लेकिन उन्होंने कभी भी चेहरे पर शिकन नहीं आने दी। जब संसद में तनाव भरे माहौल में बहस हो रही होती है और कोई विपक्ष के सदस्यों को झेलनेवाला नहीं होता है, तो लालू प्रसाद ही सामने आकर अपनी अनोखी शैली में मामले को संभालते हैं। उनकी अनोखी शैली से गुस्साये हुए विपक्षी नेता भी हंस पड़ते हैं और शांत हो जाते हैं। भारतीय राजनीति के वे अकेले ऐसे शख्स हैं, जो खुद पर भी हंसते हैं और दूसरों को हंसाते हैं। इस शख्स ने भारतीय राजनीति को एक अनोखी पहचान दी है।
जब आतंकी हमलों के बाद शिवराज पाटिल पर कोई उंगली नहीं उठा रहा था, तभी लालू प्रसाद जी ने उनकी क्षमता पर सवाल उठा कर मामले के प्रति गंभीर दृष्टिकोण होने का परिचय दे दिया। भले ही बिहार के पिछड़ेपन को दूर नहीं करने का शिकवा लोगों के मन में हो, लेकिन लालू प्रसाद ने रेलवे को नंबर वन का पोजिशन दिलाकर मैनेजमेंट गुरु बनने का खिताब हासिल कर लिया। इसलिए तो लोग कहते हैं-ही इज रियली ए गुड मैनेजर।
आखिर, उनकी क्षमता पर सवाल कौन उठाये? अब ज्यादा लिख नहीं सकता। नहीं तो कहोगे-तारीफ कुछ ज्यादा ही कर रहा है। अब चलते-चलते ये भी बता दें कि उनके नाम पर लालू प्रसाद यादव नाम से फिल्म भी बन चुकी है।