आज फ्रेंडशिप डे है। आप बेचैन हैं कि अब तक किसी ने आपको फोन या शुभकामना संदेश नहीं भेजा है। अंगरेज और कुछ करें न करें, हर चीज का एक दिन जरूर बना दिया है। १४ फरवरी को प्रेम दिवस का रूप दे दिया है, तो दो अगस्त को आज फ्रेंडशिप डे है। दोस्ती, प्रेम, माता-पिता के प्रतिसिमट कर रह गया है। लेकिन एक सवाल है कि अगर दोस्त ही दुश्मन निकल जाये, तो क्या करियेगा।चाणक्य नीति में तो यहां तक कहा गया है कि अपनी गोपनीय से गोपनीय बातों को दोस्तों और निकट के व्यक्ति से बचाकर रखो। पता नहीं, कब कौन आपका दुश्मन बन जाये।
प्रतियोगिता के इस युग में कभी भी कहीं भी कुछ हो सकता है। सुदामा तो कृष्ण के साथी थे। गरीब थे। लेकिन कृष्ण ने उन्हें अपने से भी ज्यादा सम्मान दिया। आज न तो सुदामा हैं और न कृष्ण। दोस्ती का भी आधुनिक रूप फेसबुक पर है। लोग अब मिलते नहीं, लेकिन फेसबुक या कहें सोशल नेटवर्किंग के सहारे एक-दूसरे से जुड़े हैं। कई लोग दावा करते हैं कि हम फेसबुक पर दोस्त हैं। लेकिन सच्चा दोस्त, तो वही है, जो संकट में, अंतिम समय में काम आये और राह दिखाये।
प्रतियोगिता के इस युग में कभी भी कहीं भी कुछ हो सकता है। सुदामा तो कृष्ण के साथी थे। गरीब थे। लेकिन कृष्ण ने उन्हें अपने से भी ज्यादा सम्मान दिया। आज न तो सुदामा हैं और न कृष्ण। दोस्ती का भी आधुनिक रूप फेसबुक पर है। लोग अब मिलते नहीं, लेकिन फेसबुक या कहें सोशल नेटवर्किंग के सहारे एक-दूसरे से जुड़े हैं। कई लोग दावा करते हैं कि हम फेसबुक पर दोस्त हैं। लेकिन सच्चा दोस्त, तो वही है, जो संकट में, अंतिम समय में काम आये और राह दिखाये।
दोस्ती पर बनी फिल्मों ने कई हिट दी हैं। तेरी-मेरी यारी, ये दोस्ती हमारी, ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे... जैसे गीत लबों पर आकर गुनगुनाने लगते हैं हम आज भी। दोस्ती और फ्रेंडशिप को बेहतर नजरिया दे सकें, तो हमारा जीवन सफल हो।
जो भी हो, यहां पर इससे अलग एक ही चीज कहना चाहेंगे
दोस्ती का दिन ब्लागर बंधुओं को मुबारक हो।
दोस्ती का दिन ब्लागर बंधुओं को मुबारक हो।