Friday, February 6, 2009

हर चौक पर बढ़ गयी है भिखारियों की संख्या

मंदी की मार भारी पड़ी है
रामसेना भी सड़क पर उतर पड़ी है
बेरोजगारों की चिंता नहीं
पर लव मैरिज कराने की फिक्र चल पड़ी है

हर चौक पर बढ़ गयी है भिखारियों की संख्या
लेकिन चैनलों को तो बस अमेरिका की पड़ी है

कौन सा चैनल श्रेष्ठ है
क्या आप बतायेंगे?
अगर आप पत्रकार हैं
तो फिर तुरंत नापे जायेंगे

चिंता नहीं ज्यादा करनी
क्योंकि जिंदगी है ज्यादा जीनी
धीरे-धीरे समय बिताना है
आराम से नया घर बसाना है

दूर कहीं से कोई आयेगा
नाव लेकर पार करायेगा

6 comments:

समयचक्र - महेद्र मिश्रा said...

बहुत ही सटीक दो टूक बात कही है किसी को इस वर्ग का कोई भी ध्यान नही है ... आभार

ज्ञानदत्त । GD Pandey said...

चैनल का क्या है - आते जाते रहेंगे। आपका ब्लॉग उन्नति करता रहे।

Udan Tashtari said...

सही!! सटीक!

prabhat gopal said...

protsahan ke lie bahut bahut dhanyawad.

संगीता पुरी said...

बहुत सही !!!

आशीष कुमार 'अंशु' said...

Sundar Likha..

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