Monday, October 20, 2008

राज भैया अब गुस्साइये मत.......

जब माल्या साहब ने नौजवान कमॆचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया, तो सभी राज भैया की शरण में गये। भैया ने विमान नहीं उड़ने देने की धमकी दी और सारे के सारे निकाले गये कमॆचारी फिर से वापस ले लिये गये। ये एक अच्छा काम हुआ। पर ये क्या, दूसरे ही दिन राज भैया के चेले रेलवे स्टेशन पर ऐसा हुड़दंग मचाने लगे कि तौबा-तौबा, सांस जो अंदर गयी, वह बाहर ही निकल पा रही है।

राज भैया से बस एक ही सवाल पूछना चाहता हूं कि जब एक दिन इतना अच्छा काम किया, तो दूसरे दिन ऐसा गंदा काम क्यों? हम तो राज भैया को हीरो मानने लगे थे, पर ये तो विलेन निकले। रात को राज भैया के समथॆन में जिंदाबाद का नारा लगाया था। पर अब जुबान भी हिल नहीं पा रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि राज भैया अब क्या गुल खिलायेंगे? हम तो भैया दुनियादारी से दूर जो सामने देखते हैं, वही समझते हैं। छुटपन से भैया लोगों से सीखने की आदत है। पर यहां राज भैया मामले का एंगले मोड़ दे रहे हैं। राज भैया पहले तो ऐसे न थे।

राज भैया ने लालू चाचा को भी परेशान कर दिया है। ये ठीक बात नहीं है। टेंशन में उनसे रेलवे भी नहीं चल पायेगा।
भाई बड़ी जिम्मेदारी है। पर ये राज भैया जो हैं, बात-बात पर टेंशने पैदा करने लगते हैं।

ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। कुछ दिन पहले अपने दीवार फिल्मवाले अमिताभ जी को भी माफी मंगवाइये के छोड़े। लेकिन बात-बात पर गुस्सा करना भी तो ठीक नहीं है, राज भैया। इंप्रेशन खराब हो जायेगा। हमरा सलाह तो इ है कि तनिक दिन चुपचाप से घर में बैठकर टीवी देखिये, नहीं तो मामला ज्यादा बिगड़ जायेगा।

अरे.................... चचा बिगड़ रहे हैं कि राज भैया को समझा रहा है। टीवी पे नहीं देख रहे हो, बिना कोनो खचाॆ के कैसे छा गया है। भाई हींग लगे न फिटकरी और रंग चोखा ही चोखा।

हम इ सब नहीं समझते हैं, भाई। हम तो ऐतना ही कहेंगे-राज भैया अब गुस्साइये मत, हाथ जोड़ कर विनती है।

2 comments:

Ratan Singh Shekhawat said...

काहे का भैया ये तो गुंडा है आतंकवादी है इससे केसे विनती

नारदमुनि said...

gunda raj,ya raj gunda

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